आज हम आपको बताएंगे परम्परागत कृषि विकास योजना (Paramparagat Krishi Vikas Yojana – PKVY 2025) के बारे में यह योजना भारत सरकार का एक अहम कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती की बजाय जैविक खेती की ओर ले जाना है।
👉 2025 में सरकार ने योजना में कुछ नए बदलाव किए हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इसका लाभ मिल सके।
PKVY Yojana 2025 में नया बदलाव क्या हुआ?
🔷 वित्तीय वर्ष 2025–26 में सरकार ने 10 लाख हेक्टेयर जमीन में जैविक खेती कराने का लक्ष्य रखा है।
🔷 प्रत्येक किसान को 3 साल में 50,000 रुपए प्रति हेक्टेयर की आर्थिक मदद दी जाएगी।
🔷 अब किसानों को ई–मार्केट प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है ताकि वे अपने ऑर्गेनिक उत्पाद सीधे बेच सकें
🔷 किसानों को ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग की सुविधा दी जाएगी
PKVY Yojana का परिचय?
PKVY योजना को साल 2015 में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय (Ministry of Agriculture & Farmers Welfare) द्वारा शुरू की गई थी। इसमें किसानों को रासायनिक खाद और कीटनाशकों से होने वाले नुकसान के बारे में जागरूक करना था।
PKVY योजना का मुख्य उद्देश्य?
• खेती की लागत को कम करना
• किसानों की आमदनी को बढ़ाना
• मिट्टी की उर्वरक को बढ़ाना
• किसानों को देसी बीज , जैविक खाद, गोबर खाद और वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देना
PKVY योजना से किसानों को मिलने वाला लाभ?
• 50,000 रुपए प्रति हेक्टेयर 3 साल में मिलेंगे
• खाद, कम्पोस्ट, बायो-फर्टिलाइज़र और बीज पर सब्सिडी दी जाएगी
• किसानों को प्रशिक्षण ओर जैविक खेती के बारे में बताया जाएगा
• रासायनिक खाद और कीटनाशक से छुटकारा मिलेगा जिससे लागत कम होगी।
योजना का लाभ किसको मिलेगा?
• केवल किसान भाईयो को इसका लाभ मिलेगा।
• कम से कम 10 किसानों को मिलकर 20 हेक्टेयर जमीन पर जैविक खेती करेंगे
• योजना के लाभार्थी किसानों को 3 साल तक योजना में बने रहना होगा
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आवश्यक डॉक्यूमेंट्स?
• आधार कार्ड
• जमीन का दस्तावेज
• बैंक पासबुक
• पासपोर्ट साइज फोटो
• निवास प्रमाण पत्र
• जमीन की जानकारी (कितनी जमीन और किस तरह की फसल उगाई जाती है)